Wednesday, November 28, 2018

बस्ते का बोझ कम कर पाना क्या वाक़ई मुमकिन है?

मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय ने बच्चों की पीठ का बोझ कम करने के लिए नई गाइडलाइन्स जारी की हैं. इसमें क्लास के आधार पर बच्चों के बस्ते का वज़न तय किया गया है.

मसलन कक्षा एक और दो के लिए बस्ते का वज़न डेढ़ किलो तय किया गया है. तीसरी से पांचवी क्लास के लिए ये दो से तीन किलो है. छठवीं और सातवीं क्लास के लिए चार किलो और आठवीं-नौंवी के लिए साढ़े चार किलो और दसवीं के लिए पांच किलो.

जारी की गई गाइडलाइन्स में इस बात का भी ज़िक्र है कि पहली और दूसरी क्लास के बच्चों को कोई होमवर्क नहीं दिया जाए. न ही बच्चों को अलग से कुछ भी सामान लाने की ज़रूरत है.

इन गाइडलाइन्स को जारी करने का मक़सद बच्चों को बस्ते के बोझ से राहत देना है.

डीपीएस नोएडा की प्रधानाचार्या रेनू भी यही मानती हैं. हालांकि वो ये ज़रूर कहती हैं कि उनके स्कूल में पहले से ही ऐसी व्यवस्था है जहां बच्चों के कंधों पर बोझ नही पड़ता.

रेनू कहती हैं, "हमारे स्कूल में हर बच्चे का अपना कबर्ड है. इसलिए बच्चों को अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़ता है."

रेनू का मानना है कि पीठ पर बोझ सिर्फ़ पीठ पर बोझ नहीं होता है. इससे बच्चे का मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है. ऐसे में वो सरकार के इस क़दम को बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए उठाया गया एक ज़रूरी क़दम मानती हैं.

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लेकिन सवाल ये है कि इसे लागू करना कितनी बड़ी चुनौती होगी. ये सवाल इस लिहाज़ से महत्वपूर्ण है कि देश में कोई एक ही बोर्ड तो है नहीं. बोर्ड अलग हैं तो उनका सिलेबस भी अलग है और सिलेबस अलग है तो किताबों की मोटाई भी. ऐसे में इन सरकारी गाइडलाइन्स को लागू करना कितनी बड़ी चुनौती है.

दिल्ली में प्रतिभा विद्यालयों के डिप्टी एजुकेशन ऑफ़िसर और द्वारका सर्वोदय विद्यालय के प्रिंसिपल टी.पी. सिंह मानते हैं कि इस गाइडलाइन्स को लागू कर पाना चुनौती तो है. वो इसके पक्ष में तर्क भी देते हैं.

वो कहते हैं, "पहली से आठवीं क्लास के लिए परेशानी ज़्यादा है क्योंकि तब तक बच्चों के पास सब्जेक्ट्स अधिक होते हैं लेकिन नौवीं के बाद से सब्जेक्ट कम हो जाते हैं और लगभग सारे बोर्ड भी यूनिफॉर्मिटी में आ जाते हैं. "

लेकिन वो ये ज़रूर कहते हैं कि ये एक बेहतर क़दम है.

टीपी सिंह सिर्फ़ स्कूल या सिलेबस को बच्चों की पीठ पर बोझ लादने का ज़िम्मेदार नहीं मानते. उनका मानना है कि सरकारी स्कूलों में जो बच्चे पढ़ते हैं उनमें से एक बड़ा वर्ग अनपढ़ परिवार से आता है. ऐसे में मां-बाप को लगता है कि बच्चे को सारी किताबें-कॉपी लेकर जाना चाहिए. उनका मानना है कि ये भी एक बड़ा कारण है कि बच्चों के बस्ते का बोझ बढ़ जाता है.

लेकिन अभिभावक इस फ़ैसले को कैसे देखते हैं?

ऊषा गुप्ता की बेटी सातवीं में पढ़ती है. वो कहती हैं कि ये फ़ैसला अच्छा है लेकिन कोई ऐसा क़ानून भी बनना चाहिए जहां बच्चे को दर्जनभर सब्जेक्ट पढ़ाने के बजाय वही पढ़ाया जाए जो उसकी प्रैक्टिकल जानकारी बढ़ाए.

ऊषा कहती हैं, "हमारे यहां शिक्षा व्यवस्था की हालत बड़ी कमज़ोर है. क्वालिटी एजुकेशन अब भी सपना है. छोटे-छोटे बच्चों को ऐसा होम वर्क या एक्टिविटी करने को कहा जाता है जो वो कर ही नहीं सकता. उसका होम वर्क मां-बाप करते हैं."

ऊषा कहती हैं कि बच्चे की किताबों से ज़्यादा वज़न तो दूसरी चीज़ों का होता है. कभी चार्ट पेपर, कभी फ़ाइल तो कभी कुछ...वो मानती हैं कि इस गाइडलाइन्स को लागू करना मुश्किल होगा.

Monday, November 26, 2018

2.0: भारत की सबसे महंगी फिल्म, पहले दिन कर सकती है इतनी कमाई

सुपरस्टार अक्षय कुमार और रजनीकांत स्टारर फिल्म 2.0 इसी साल 29 नवंबर को रिलीज होने जा रही है. फिल्म में अक्षय कुमार विलेन का किरदार निभाते नजर आएंगे और रजनीकांत फिल्म के पहले पार्ट की ही तरह रोबोट चिट्टी का किरदार निभा रहे हैं. फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो चुका है और यूट्यूब पर इसने धूम मचा दी है. अब फिल्म के फर्स्ट डे कलेक्शन को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.

फिल्म के प्रति लोगों के रुझान को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि फिल्म का सिर्फ तेलुगु वर्जन ही पहले दिन में 20 करोड़ रुपये की कमाई कर लेगा. बता दें कि 600 करोड़ रुपये के बजट से बन रही इस फिल्म के थिएट्रिकल राइट्स ही 85 करोड़ रुपये में बिके हैं. भारतीय सिनेमा के इतिहास पर नजर डालें तो इतनी महंगी फिल्म आज तक नहीं बनी है.

फिल्म को लेकर मेकर्स तकनीक, एक्शन, ग्राफिक्स, मेकअप और एडिटिंग तक हर मामले में कई पायदेन ऊपर गए हैं. भारत में बनी यह पहली ऐसी फिल्म है जिसकी शूटिंग ही 3डी में की गई है. फिल्म की वास्तविक शूटिंग तमिल में की गई है और इसको कई भाषाओं में डब किया गया है. दक्षिण भारतीय सिनेमा के परफॉर्मेंस को देखते हुए करण जौहर ने हाल ही में बड़ा बयान दिया था.

करण जौहर ने कहा था कि साउथ इंडियन सिनेमा बॉलीवुड को एक पॉजिटिव चुनौती दे रहा है. फिल्म का पहला वीडियो सॉन्ग आज ही रिलीज किया गया है. गाना तमिल और हिंदी दोनों भाषाओं में रिलीज किया गया है. गाने के हिंदी बोल 'तू ही रे' हैं, जिसे दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है. फिल्म का ये गाना सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के नाम पर सवाल किए जाने पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है. बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने रविवार को कहा कि पार्टी पीएम मोदी की मां और पिता पर दिये गए बयानों की शिकायत चुनाव आयोग से करेगी. वहीं पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि राजनीति में माता-पिता का नाम घसीटना गलत है.

राजस्थान में कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री विलासराव मुत्तेमवार के बयान पर बीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की. असल में कांग्रेस में नाराज नेताओं को राजस्थान पहुंचते ही विलासराव मुत्तेवार इस तरह का बयान दे गए. उन्होंने कहा कि जिस प्रधानमंत्री मोदी के पिता का नाम किसी को पता नहीं है, वह मोदी राहुल गांधी से हिसाब मांगते हैं, जबकि एक राहुल गांधी हैं जिसकी पीढ़ियों के बारे में सबको पता है.

बागियों को मनाने बाड़मेर आए विलासराव ने कहा, 'हम सभी बागी नेताओं को मनाने में लगे हुए हैं लेकिन इसके बावजूद नहीं माने तो पार्टी इन लोगों पर कार्रवाई करेगी.' इसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी पंकज प्रताप सिंह के कार्यालय पहुंचे पूर्व केन्द्रीय मंत्री विलासराव ने लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी पर तंज कसा.

उन्होंने कहा, ‘भाजपा सरकार ने झूठ बोलने के सिवाय किया क्या है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक नंबर का झूठा पीएम है, पूरी दुनिया में ऐसा पीएम कभी नहीं देखा.'

पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा, 'पीएम नरेंद्र मोदी जो राहुल गांधी से भिड़ रहे हैं, नरेन्द्र मोदी को पीएम बनने से पहले कौन जानता था. आज भी पीएम नरेंद्र मोदी के बाप का नाम कोई नहीं जानता है, लेकिन राहुल गांधी के बाप का नाम तो क्या पीढ़ियों का नाम तक सभी को पता है और जिसके बाप का नाम पता नहीं वो प्रधानमंत्री मोदी, राहुल गांधी से हिसाब मांग रहे हैं. किस बात का हिसाब मांग रहे हैं.'

एफ़आईआर में दो बच्चों के नामः प्रेस रिव्यू

नवभारत टाइम्स ने बुलंदशहर हिंसा मामले से जुड़ी ख़बर को पहले पन्ने पर जगह दी है. जिस गोकशी मामले में बुलंदशहर में हिंसा भड़की, उस केस में दर...